गर्भावस्था एक अद्भुत अनुभव है, लेकिन साथ ही यह थकान और शारीरिक बदलावों से भी भरा होता है।

उन  महीने में यह 9 आसन  प्रसव और उसके बाद की रिकवरी को भी आसान बनाते  है।

Marjaryasana-Bitilasana यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

तितली पोज़ (Baddha Konasana):यह कूल्हों और जांघों को खोलता है और प्रसव के लिए जगह बनाता है।

वक्रासन (Ardha Matsyendrasana):यह रीढ़ की हड्डी को मोड़ता है और रीढ़ की हड्डी के आसपास की मांसपेशियों को खींचता है।

उष्ट्रासन (Ustrasana):यह छाती को खोलता है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।

वीरभद्रासन (Virabhadrasana):यह पैरों और टखनों को मजबूत करता है और संतुलन में सुधार करता है।

ताड़ासन (Tadasana):यह मुद्रा पूरे शरीर को संरेखित करती है और आसन के लिए आधार बनाती है।

 गरुड़ासन (Garudasana):यह कूल्हों, जांघों और कंधों को खोलता है और संतुलन में सुधार करता है

शवासन (Savasana):यह तनाव कम करता है और शरीर को आराम देता है

योग निद्रा (Yoga Nidra):यह गहरी विश्राम को बढ़ावा देता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है।

Pregnancy Yoga : rakhe in baton ka dhyan

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