राधा रानी के नाम उनके अलौकिक रूप और कृष्ण भक्ति को पाने का एकमात्र साधन है ,आइये उनके नामों का अर्थ समझे
राधिका - राधा रानी का मूल नाम है, जो ‘आराधना ’ से लिया गया है। जिसका अर्थ है, "जो आराधना के लायक है" या "जो भगवान की पूजा करती है।
कृष्णप्रिया -- राधा रानी का यह नाम उनके और श्रीकृष्ण के अद्वितीय और शाश्वत प्रेम का उदाहरण है। यह नाम भक्तों को सिखाता है कि सच्चा प्रेम ईश्वर के प्रति होना चाहिए।
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"ललिता"-का अर्थ है सरल, सुंदर और मनमोहक। यह नाम सहज सौंदर्य और आकर्षक व्यक्तित्व को दर्शाता है। ललिता जी अपने कोमल स्वभाव और मिठास के लिए जानी जाती हैं।
"वृषभानुजा"- का अर्थ है वृषभानु महाराज की पुत्री। यह नाम उनके जन्म और दिव्य वंश की याद दिलाता । भक्त इस नाम से उनके माता-पिता के प्रति उनके प्रेम को याद करते हैं।
श्यामा– यह नाम उनके सांवले रंग के कारण प्रसिद्ध है। राधा रानी का यह नाम उनके और भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनके पवित्र रिश्ते का वर्णन करता है।
वृंदावनी– वृंदावन की देवी होने के कारण, राधा रानी को "वृंदावनी" कहा जाता है। यह नाम उन्हें प्रकृति, प्रेम और आध्यात्मिकता की देवी के रूप में पहचान करता है
करुणामयी– राधा रानी दया, करुणा और प्रेम की अपार मूर्ति हैं। जो राधा जी उन विशेषताओं को बताती है, जिनसे वे भक्तों के दुखों को हरती हैं और उन्हें आनंद प्रदान करती हैं।
"माधवी" का अर्थ है मिठास से युक्त। यह नाम राधा रानी के प्रेम, भक्ति और उनकी मधुरता को व्यक्त करता है। श्रीकृष्ण के साथ उनकी मधुर लीलाओं को भी याद कराता है।
"अपूर्णा-" का अर्थ है "जो संपूर्ण है।" राधा रानी पूर्णता का प्रतीक हैं और उनके बिना श्रीकृष्ण भी अधूरे है।